रतन टाटा की प्रेरणादायक जीवनी -Ratan Tata Biography In Hindi

Ratan Tata Biography In Hindi

रतन टाटा की प्रेरणादायक जीवनी (Ratan Tata Biography In Hindi)

रतन टाटा भारत के उन गिने-चुने उद्योगपतियों में से एक हैं जिन्होंने अपने गुणों से सबके दिलों में अपनी जगह बनाई है. उनके जीवन को पढना किसी सम्मान से कम नहीं हैं. रतन टाटा भारत के जाने माने प्रसिद्ध और परोपकारी उद्योगपति हैं. रतन टाटा की जीवनी मे हम इनके जीवन की हर महत्वपूर्ण घटना को शामिल करने का प्रयास करेंगे.

सर रतन टाटा की जीवनी उनके द्वारा किये गए महान और परोपकारी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती हैं. रतन टाटा अपनी कुल कमाई का 65 प्रतिशत ट्रस्ट को दान में दे देते हैं. इसलिए रतन टाटा का नाम अमीरों की शीर्ष सूची में शामिल नहीं हैं, लेकिन इनकी कुल सम्पति को अगर एक साथ जोड़ा जाए तो विश्व के तीसरे सबसे अमीर इंसान होंगे.

हम यहाँ रतन टाटा की जीवनी के साथ साथ उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण रोचक किस्से भी बताने वाले हैं. इसलिए आप Ratan Tata Biography In Hindi को पूरा जरूर पढ़े. 

जन्म और परिवार

रतन टाटा का पूरा नाम रतन नवल टाटा हैं. इनका जन्म 28 दिसम्बर 1937 को बोम्बे में हुआ था. रतन टाटा, टाटा परिवार के वंशज हैं. रतन टाटा के पिताजी का नाम नवल टाटा हैं और माता का नाम सोनी टाटा है.

नवल टाटा और सोनी टाटा के रिश्ते में दरार पड़ने के कारण रतनजी टाटा कि परवरिश इनकी दादी की देखरेख में हुआ था. रतनजी टाटा की दादी का नाम नवजीबाई टाटा हैं. रतन टाटा अपनी दादी नवजीबाई टाटा से बहुत ही अधिक प्रभावित थे.

रतन टाटा के माता पिता का तलाक होने पर इनके पिताजी नवलजी टाटा ने दूसरी शादी कर ली थी. इनका एक सौतेला भाई हैं, जिनका नाम नोएल टाटा हैं.

रतन टाटा की शिक्षा

रतन टाटा एक उच्च शिक्षित व्यवसायी हैं. रतन टाटा की शुरूआती शिक्षा मुंबई में हुई. रतन जी टाटा की प्राइमरी शिक्षा मुंबई की कैथेड्रल और जॉन कोनन स्कूल में पूरी हुई. यहाँ से आगे वे शिमला कॉटन स्कूल चले गये और वहां अपनी पढाई जारी रखी.

इसके बाद वे अपनी आगे की पढाई के लिए वे अमेरिका चले गए. अमेरिका में कोर्नेल यूनिवर्सिटी आर्किटेक्चर में स्नातक की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने हॉवर्ड बिज़नस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट की पढाई की.

यहाँ तक पढाई ख़त्म करने के बाद वे नौकरी की तलाश करने लगे और अपने कैरियर की खोज में निकल पड़े. कुछ समय नौकरी करने के बाद वे अपने पारिवारिक बिज़नस में शामिल हो गए.

रतन टाटा की प्रेरणादायक जीवनी (Ratan Tata Biography In Hindi)

रतन टाटा के करियर की शुरुआत

सर रतनजी टाटा ने अपनी पढाई पूरी करने के बाद अमेरिका में ही नौकरी करनी शुरू कर दी थी. जब 1962 में वे भारत लौटे तो जेआरडी टाटा की सलाह पर आईबीएम में नौकरी ठुकरा दी और अपने पारिवारिक बिज़नस का हिस्सा बन गए.

टाटा ग्रुप में शामिल होने पर इनको जमशेदपुर भेजा गया, वहां इनको टाटा स्टील शॉप फ्लोर में काम करने का मौका मिला.

कुछ सालों बाद 1971 में उनको राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया. जब रतन टाटा ने इस कंपनी से जुड़े तब यह कंपनी 40 प्रतिशत घाटे में चल रही थी. रतन टाटा ने न केवल इस कंपनी के घाटे को कम किया बल्कि मुनाफे में लेकर आये. 

रतन टाटा की लगातार सफलताओ के कारण जेआरडी टाटा ने जल्द ही 1981 में रतन टाटा को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. हालाँकि यहाँ पर उनकी कुछ आलोचनाएँ भी की गयी. टाटा ग्रुप के कुछ वरिष्ट कर्मचारियों ने रतन टाटा को अनुभवहीन बताया.

टाटा इंडस्ट्रीज में प्रवेश के दस साल बाद रतन टाटा को टाटा समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

टाटा ग्रुप के अध्यक्ष बन जाने पर टाटा समूह बिल्कुल नयी ऊँचाइयों पर पहुँच गया. रतन टाटा कंपनी को उस उंचाई तक लेकर गए जिसको पहले किसी ने अनुभव नहीं किया.

रतन टाटा ने टेटली, जगुआर लैंड रोवर, कोरस कंपनीयों को अपने हिस्से में लेकर उनको ऊंचाई तक लेकर गए. इस प्रकार टाटा ग्रुप का विश्वव्यापी व्यापार बन गया.

रतन टाटा ने भारत में टाटा इंडिका कार को लौंच किया जो टाटा समूह की प्रमुख सफलता में से एक हैं. आज टाटा ग्रुप की कमाई का 65 प्रतिशत विदेशो से आता हैं. इसका पूरा श्रेय रतन जी टाटा को जाता हैं.

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रतन टाटा की प्रेम कहानी

शादी की बात को लेकर रतन टाटा अक्सर चर्चे में रहते हैं. हालाँकि उनकी उम्र अभी 83 साल हैं, लेकिन उन्होंने कभी शादी नहीं की. कुछ समय पहले यह कहा जाता था कि रतन टाटा अपने काम में व्यस्त रहने के कारण शादी नहीं कर पाए. लेकिन 2012 में रतनजी टाटा ने अपने शादी को लेकर खुलासा किया.

रतन टाटा की प्रेम कहानी का किस्सा 1962 से पहले का हैं. जब रतन टाटा एक आर्किटेक्चर के तौर पर काम कर रहे थे, तब इनका सम्बन्ध एक अमेरिकी लड़की के साथ था. दोनों शादी करने ही वाले थे कि अचानक रतन टाटा को भारत आना पड़ गया. भारत आने से पहले रतन टाटा ने अपनी प्रेमिका से वादा किया कि अगर वे शादी करेंगे तो केवल उसी के साथ करेंगे. 

भारत आने के बाद भारत चीन का युद्ध छिड़ गया. युद्ध की गंभीरता को देखते हुए भारत और अमेरिका के विमान बंद हो गए थे और रतन टाटा वापस अमेरिका नहीं जा पायें. उधर अमेरिका में रतन टाटा की प्रेमिका के माता-पिता ने उनकी शादी किसी दुसरे एक अमेरिकी व्यक्ति के साथ करवा दी.

जब रतन टाटा को इस बात का पता चला तो उनको बहुत आघात हुआ और उन्होंने अमेरिका को छोड़ दिया. उसके बाद रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को ज्वाइन कर लिया.

रतन टाटा की प्रेरणादायक जीवनी (Ratan Tata Biography In Hindi)

रतन टाटा के बारें में रोचक तथ्य

सर रतन टाटा के पिता नवल जी टाटा को जमशेदजी टाटा ने गोद लिया था. नवलजी टाटा के पिता का नाम रतनजी और माता का नाम नवाज बाई हैं. जब नवलजी ने अपनी पत्नी से तलाक लिया तो रतन टाटा का पालन पोषण उनकी दादी ने किया था. जब इनके माता पिता अलग हुए तब इनकी उम्र मात्र दस साल थी.

टाटा संस को कुत्तों से बहुत अधिक लगाव हैं. यह परम्परा कई वर्षों पुरानी हैं. बोम्बे हाउस हो या टाटा संस का मुख्यालय सभी जगहों आवारा कुत्तों को अन्दर आने दिया जाता हैं.

रतन टाटा ने कुत्तों के लिए केनल भी बनवाएं हैं. रतन टाटा के पास दो पालतू कुत्ते हैं, जिनका वे बेहद ख्याल रखते हैं. रतन टाटा के कुत्तों का नाम टिटो और मैक्सिमस हैं.  

रतन टाटा ने कई डूबती कंपनियों को रीड की हड्डी दी हैं. टाटा मोटर्स के साथ लैंड रोवर जगुआर, टाटा चाय के साथ टेटली, टाटा स्टील के साथ कोरस कम्पनियों को मिलाकर एक नयी ऊंचाई दी हैं.

सर रतन टाटा का अब तक का सबसे प्रिय प्रोजेक्ट नैनो कार था. 2009 में रतन टाटा ने लोगो से वादा किआ कि वे एक लाख तक कीमत की कार लौंच करेंगे. उन्होंने इस वादे को पूरा किया और नैनो कर लांच की थी.

रतन टाटा कारों का बहुत अधिक शौक रखते हैं. रतन टाटा के पास लगभग 19 करोड़ की कारें हैं. रतन टाटा के पास फेरारी कैलिफ़ोर्निया, कैडिलैक एक्सएलआर, लैंड रोवर फ्रीलैंडर, क्रिसलर सेब्रिंग, होंडा सिविक, मर्सिडीज बेंज एस-क्लास, जगुआर, जगुआर  कारों का संग्रह है.

एक सफल बिजनेसमैन होने के साथ साथ रतन टाटा एक कुशल पायलट भी हैं. रतन टाटा को फ्लाइट में उड़ान भरना बहुत पसंद है. रतन टाटा 2007 में एफ-16 फाल्कन पायलट करने वाले पहले भारतीय थे.

रतन टाटा के परोपकारी के किस्से पूरे विश्व भर में चलते रहते हैं. जिस बिज़नस स्कूल में उन्होंने ट्रेनिग ली थी, 2010 में वहां पर 50 मिलियन का दान किया था. 

रतन टाटा के चेयरमैन बनने के बाद कम्पनी के राजस्व में 40 प्रतिशत वृद्धि हुई और मुनाफ़ा 50 गुना से अधिक बढ़ गया. जहाँ 1991 में टाटा ग्रुप 5.7 बिलियन डॉलर कमा रही थी, वहीँ 2016 में टाटा ग्रुप ने 103 बिलियन डॉलर कमायें. 

सर रतन टाटा ने टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए आई आई टी बॉम्बे को 950 मिलियन रूपये दान किये थे. शिक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा दान हैं.

अपने 75 वें जन्मदिवस पर रतन जी टाटा ने टाटा संस से अपने पद को छोड़ दिया और सेवानिवृत्त हो गए. इसके बाद भी रतन टाटा सक्रिय रूप से व्यवसायी हैं और स्टार्टअप निवेश में करते रहते हैं.

रतन टाटा अपनी कुल कमाई का 65 प्रतिशत हिस्सा ट्रस्ट और परोपकारी कार्यों में लगा देते हैं. रतन टाटा की कमाई को लेकर एक बहुत ही मजेदार तथ्य यह हैं कि अगर 2016 के अनुसार अगर इनकी कुल कमाई को जोड़ दिया जाये तो ये विश्व के सबसे अमीर बिजनेसमैन होते.

रतन टाटा अक्सर होटल के कर्मचारियों, रसोइयों या किसी दुसरे व्यक्ति को धन्यवाद देने में संकोच नहीं करते. 

सर रतन टाटा बचपन से लेकर अब तक अपने काम खुद ही करते हैं. ऐसे बहुत कम मौके होते हैं, जहाँ वे दूसरों की सहायता लेते हैं.

रतन टाटा की उम्र अब 83 वर्ष हो चुकी हैं लेकिन अब भी वे अक्सर कतारों में खड़े मिल जाते हैं. ये इस बात को दर्शाती हैं कि रतन टाटा सामाजिक नियमों को कभी तोड़ते नहीं हैं.

एक बार रतन टाटा किसी व्यक्ति से प्रभावित हुए और कुत्तों के लिए कॉलर का निर्माण करवाया. इतना ही नहीं जिस व्यक्ति से प्रभावित हुए और उनको नौकरी भी पेश की.

वर्तमान में रतन जी टाटा मुंबई के कोलाबा में समुद्र के सामने रहते हैं. वे अपने बंगले में कुछ नौकरों के साथ अकेले रहते हैं.

सर रतन टाटा कट्टर भारतीय हैं. रतन टाटा को कई बार विदेशों की नागरिकता को अपनाने के प्रस्ताव आये लेकिन उन्होंने हमेशा एक भारतीय ही रहना पसंद किया.

 सम्मान और पुरस्कार

सर रतन टाटा को अलग अलग देशो द्वारा 40 से अधिक अवार्ड्स मिल चुके हैं. 2008 में प्रतिभा पाटिल द्वारा पदम् विभूषण द्वारा सम्मानित किये गए. इसके पहले 2000 में उनको पदम् भूषण से सम्मानित किया गया था. फ़्रांस, जापान, इटली द्वारा महान बिज़नसमेन के तौर पर इनको अनेक अवार्ड्स मिल चुके हैं.

आपने क्या सीखा

रतन टाटा की जीवनी में हमने सर रतन नवल टाटा के जन्म से लेकर टाटा संस के चेयरमैन बनने तक सके सफ़र को पढ़ा. रतन टाटा का जीवन वाकई में प्रेरणा दायक हैं. वैसे आप रतन टाटा के बारें क्या विचार रखते हैं और आपको उनकी कौनसी बात सबसे अच्छी लगी, कमेंट कर हमें जरूर बताएं.

निवेदन- रतन टाटा की प्रेरणादायक जीवनी (Ratan Tata Biography In Hindi) sk Biography in Hindi आपको कैसा लगा, कृपया अपने comments के माध्यम से हमें बताएं.

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Author: Avinash Singh

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